: ■ तेज गर्मी में बस के सफर से यात्री तरबतर, राजिम और धमतरी की बसों में सीट से अधिक भीड़
Admin / Mon, Apr 29, 2024 / Post views : 150
■ तेज गर्मी में बस के सफर से यात्री तरबतर, राजिम और धमतरी की बसों में सीट से अधिक भीड़
सड़क में बसें हुईं कम इसलिए भीड़ अधिक, यात्री छत पर बैठने को मजबूर
रायपुर -: ललित राठोड़, जगदलपुर- सुरेश रावल, दुर्ग- राहुल शर्मा, धमतरी-यशवंत साहू, गरियाबंद - गोरेलाल सिन्हा, महासमुंद-रत्नेश सोनी की विशेष रिपोर्ट हरिभूमि ने शनिवार को रायपुर से राजिम, धमतरी, कवर्धा और बलौदाबाजार- कसडोल, बिलासपुर समेत सराईपाली जाने वाली बसों में भारी भीड़ का जायजा लिया। ज्यादातर बसों में यात्री ओवरलोड मिले। 45 सीट की बसों में 90 से अधिक यात्री सफर कर रहे हैं। सामान्य
लोक सेवा न्यूज़ 24 सवांददाता
दिनों में इन रूट में सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक 12 बसों की सुविधा मिलती है, जो चुनाव और शादियों में बसों के चले जाने से अब इनकी संख्या कुछ रूट में 8 तो कहीं 9 हो चुकी है। पड़ताल में पाया कि लोकल ट्रेनों के रद्द होने से 30 फीसदी यात्री बस में बढ़े हैं। ओवरलोड बसों पर आरटीओ केलोकल ट्रेन रद्द, शादी-चुनाव का सीजन
ठूंस-ठूंसकर भरे जा रहे यात्री
पटरियों के काम से 19 लोकल ट्रेनें रद्द चल रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जाने वाली कई रूट की बसें शादी और चुनाव कार्य में चली गई हैं। जो चल रहीं, उसमें भीड़ इस कदर है कि अगर दो मिनट के लिए बस कहीं खड़ी डी हो जाए, तो यात्री पसीने से नहा जाते हैं। तेज गर्मी में राहत देने वाली हवा भी नसीब नहीं हो रही है। बसों के सफर में भारी उमस के बीच लंबे समय तक खड़े होने से यात्री अब बेहोश भी होने लगे हैं। बस के सफर में तकलीफ बड़ी हो रही है, लेकिन यात्रियों के पास दूसरा कोई विकल्प भी नहीं है।
बस की छत पर बैठने को मजबूर
पहुंची, तो देखा रायपुर से धमतरी
जाने वाली बस जिसमें 45 यात्री
बैठ सकते हैं, उसमें 30 से अधिक
यात्री खड़े हुए थे। एक यात्री बस
कंडक्टर से कह रहा था कि बस
के भीतर जगह नहीं है, तो बस
की छत पर बैठा दो शादी में
शामिल होना जरूरी है। ऐसा ही
हाल रायपुर से सराईपाली जाने
वाली बस में भी देखने को मिला।
बस में 50 की जगह लगभग 95
यात्री शामिल थे। यात्रियों से बस
दब गई थी।
बसों में ओवरलोडिंग को लेकर निगरानी करने उड़नदस्ता टीम को निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही बरतने वालों पर उचित कार्रवाई की जाएगी। - आशीष देवांगन, आरटीओ, रायपुर गरियाबंद गरियाबंद में एक मालवाहक, जिसमें करीब 70 लोग सवार थे। इनमें कुछ मासूम भी थे, जिन्हें सांस लेना मुश्किल हो रहा था।
रोडवेज बसों का संचालन लगभग ठप
गरियाबंद प्रमुख रूटों पर बसों का संचालन न के बराबर होने से यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाना मुश्किल हो गया। यात्रियों को घंटों भटकना पड़ा। रविवार को भी लोगों के परेशानी हो सकती है। लोकसभा चुनाव में रोडवेज की बसों व अन्य वाहनों का अधिवाहण किया गया हैं। यात्रियों को बस न मिलने की समस्या पिछले तीन दिन से चल रही थी। शुक्रवार को यह समस्या अधिक बढ़ गई। चुनाव के कारण
प्रयागराज, रीवा जाने वाली अंतरराज्यीय बसों में भी ठूंसे जा रहे यात्री
बिलासपुर में हालत बदतरलोकसभा चुनाव में मतदान दल के लिए 295 बसों की जरूरत है। ऐसे में 3 मई से सड़कों पर बसें नहीं दौड़ेंगी, कई रूट पर बसें बंद हो गई हैं। आगामी 7 मई को तीसरे चरण के मतदान होने हैं। इसके लिए आरटीओ ने बसों के अधिग्रहण का काम तेज कर दिया गया है। ऐसे में कई रुट पर एक ही बस के दौड़ने से यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है। हालांकि अधिकारी कह रहे हैं कि ज्यादातर बसें चल रही है लेकिन हकीकत यह है कि दूसरे चरण के लिए भी बसों ली गई है जिसके चलते कई बसे अभी भी सड़कों पर नहीं दौड़ पाई है। शेष पेज 2 पर किराया चालीस, ऑटो वाले मांग रहे 400 दुर्ग जिले में परिवहन विभाग द्वारा 550 बस और छोटे वाहनों का अधिग्रहण कर लिया है. वही वैवाहिक आयोजन के चलते ज्यादातर बसे बुकिंग में चल रही है। ऐसे में सड़कों में बसों का टोटा हो गया है। भीषण गर्मी से लोग तरबतर हो गए है। शनिवार को दुर्ग के नया बस स्टैंड में लोग भटकते नजर आए। यात्री राजनांदगांव, शेष पेज 2 पर नहीं चल सकीं अधिकांश बसें महासमुंद में मतदान दलों की वापसी शनिवार सुबह तक जारी रही। इसके चलते विभिन्न रूटों में चलने वाली बसें अधिग्रहण किए जाने के चलते या तो नहीं चली अथवा देर से संचालित हुई। दर असल, दलों के पहुंचने का सिलसिला रात भर चला इसलिए चालक परिचालक भी देर रात तक व्यस्त रहे। शनिवार को दिन में गिनती की बसें होने के कारण शादी में आवाजाही कर रहे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बसों में यात्रियों को खड़े होकर यात्रा करने की स्थिति रही इसके बावजूद शेष लोठा घंटों प्रतिक्षालय में बसों का इंतजार करते रहे। जिले में मतदान पूरा कराने जिन 235 रूटों से कर्मचारी अपने-अपने मतदान केंद्रों तक पहुंचे। उसी रूट से वापस जिला मुख्यालय पहुंचकर पिकअप से कर रहे सफर बस्तर सीट का चुनाव प्रथम चरण में 19 अप्रैल को संपन्न हो चुका है। इन दिनों शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक वैवाहिक कार्यक्रमों की धूम है। प्रायः सभी गांव में छोटे वाहन पिकअप, ट्रैक्टर आदि लोगों के पास होते हैं। जो इन दिनों शादी विवाह में ग्रामीणों के काम आ रहे हैं। शनिवार को लोहंडीगुड़ा से शादी परिवार के लोग पिकअप से रवाना हुए। ग्रामीण क्षेत्र में क्षमता से अधिक सवारी ट्रैक्टर और पिकअप में देखी जाती है। इसका कारण यह बताया गया कि छोटे बच्चों से लेकर महिलाएं, युवक और बुजुर्ग भी गांव के किसी परिवार के यहां
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