लोरमी रैतराकला-500 क्विंटल धान, सोना-चांदी, बर्तन किया गया दान : पर्वत दान महोत्सव में 500 क्विंटल धान, सोना-चांदी, बर्तन किया गया दान
Chief Editor - Digvendra Kumar Gupta / Mon, Feb 2, 2026 / Post views : 337
पर्वत दान महोत्सव में 500 क्विंटल धान, सोना-चांदी, बर्तन किया गया दान
लोरमी। ग्राम रैतराकला में तीन दिवसीय श्री लक्ष्मी नारायण यज्ञ एवं पर्वत दान महोत्सव आयोजित किया गया। पर्वत दान में करीब 500 क्विंटल धान सहित 11 प्रकार के अनाज सहित सोने चांदी एवं हीरा व नगद राशि सहित अन्य वस्तुओं को पूजा अर्चना पश्चात पर्वत को आम नागरिकों को सौंपा गया। आचार्य पं. प्रमोद शास्त्री ने आयोजन के बारे में बताया कि पर्वत दान का पुराणों में अलग महत्व है बहुत जन्म का जब पुण्य अर्जित होता है, तभी मनुष्य भगवान की कृपा से पर्वत दान को करता है इस दान को बहुत ही पुण्य प्राप्ति माना गया है, जिनके द्वारा भी ये दान किया जाता है सभी प्रकार के पुण्यों की प्राप्ति होती है। पं. शास्त्री ने बताया है की अपने अथाह संपत्ति को दान करना इस दान के माध्यम से चारो फलों की
प्राप्ति करना
अर्थ,धर्म, काम एवं मोक्ष यदि किसी व्यक्ति के द्वारा अपने पिछले जन्म में कोई पाप किया गया है तो उसके लिए भी पर्वत दान कर उस पाप के नृवित्ति की जाती है। इस दान के चलते व्यक्ति को परमधाम की प्राप्ति होती है पर्वत दान का मतलब होता है कि उसमें विभिन्न प्रकार की वस्तुएं जिसे हम खजाना भी कहते हैं पाया जाना। पं. झम्मन प्रसाद शास्त्री, पं. गीता प्रसाद शास्त्री, धनंजय दुबे के द्वारा विधि विधान से पूजा सम्पन्न कराया। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में इस प्रकार का यह पहला आयोजन है। इस आयोजन के बारे में किताबों में जरूर पढ़े हैं लेकिन आज प्रथम बार इस आयोजन को प्रत्यक्ष रूप से देखने को मिल रहा है। जिसको लेकर क्षेत्रवासियों में भारी उत्साह रहा। मुख्य यजमान उषा पाण्डेय रतन लाल पाण्डेय रहे।
Chief Editor - Digvendra Kumar Gupta
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