: पंडरिया न्यूज़ - वन विकास को शहर के ही होटलों में खपाते हैं, कार्रवाई नहीं होने से जंगल में अतिक्रमण,
वन विकास या को शहर के ही होटलों में खपाते हैं, कार्रवाई नहीं होने से जंगल का रकबा घटता जा रहा निगम के जंगल में अतिक्रमण, रोजाना 150-200 पेड़ काट रहे, साइकिल से ढो रहे लकड़ी
लोक सेवा न्यूज़ 24 सवांददाता
पंडरिया न्यूज़ रिपिर्टर 8 मई 2024 // क्षेत्र अंतर्गत वन विकास निगम के जंगल में लकड़ी कटाई तथा कटाई के बाद खाली जमीन पर अतिक्रमण करने का खेल लंबे समय से चल रहा है। यहीं इन क्षेत्रों में कार्रवाई के नाम पर औपचारिकता ही निभाई जा रही है। बदौस मार्ग में उप वन मण्डल पोहरिया नियम अंतर्गत कन क्षेत्र में पेड़ों की कटाई जानी है। जहां प्रतिदिन 150 से 200 पेड़ काटे जा रहे हैं। हर रोज ग्रामीण लगभग 50 से अधिक संख्या में साइकल से प्रतिदिन लकड़ी काट कर लाते हैं।
ये ग्रामीण दिन में तीन बार जंगल से लकड़ी लाने जाते हैं।
इन हरे-भरे पेड़ों को शहर के ही होटलों में खपाया जाता है। पेड़ों की कटाई के चलते जंगल का रकबा लगातार कम होते जा रहा है। जंगल में सुबह 5 बजे से देर शाम तक कटाई करते हैं। जलाऊ लकड़ी से साथ सागौन के पेड़ भी बड़ी संख्या में काटे जा रहे हैं। जिन्हें नगर के कारपेंटर को बेचा जाता है। अवैध कटाई एवं लकड़ी खपाने की जानकारी, वन विकास निगम के अधिकारियों को भी है। लेकिन कार्यवाही नहीं की जाती है। लगातार वन क्षेत्र में कटाई के कारण वन्य जीव भी असुरक्षित हैं।मानवीय हस्तक्षेप के कारणों से वन्य जीव मैदानों
लगातार क्षेत्र में सुबह 5 से देर शाम तक हरे-भरे पेड़ों की कटाई के कारण वन्य जीव भी असुरक्षित हैं
जंगल में हरे-भरे पेड़ों की कटाई के बाद इसके ठूंठ ही बच रहे हैं। कार्रवाई नहीं हो रही।
वन क्षेत्र में निवास नहीं करते विभाग के कर्मचारी इसलिए तस्कर सक्रिय
वन विभाग के कर्मचारी वन क्षेत्र में निवास नहीं करते हैं। जिसके चलते लकड़ी तस्करी व अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। कर्मचारियों के के लिए वन क्षेत्र में मकान तो बनाए गए हैं। लेकिन इन मकानों में कर्मचारियों के नहीं रहने से अधिकतर क्वार्टर खंडहर होने लगे हैं।
कर्मचारी वन क्षेत्र में दिखाई नहीं देते हैं। वहीं निगम के अधिकारी सहित कर्मचारी को कटाई की सूचना देने पर फोन भी रिसीव नहीं किया जाता है।
नोटिस देने के एक वर्ष बाद भी कार्रवाई नहीं की गई
वन विकास निगम के अधिकारी, नोटिस देकर कार्रवाई नहीं कर पा रहे है। केवल नोटिस देकर कारीसई का दिखावा किया जा रहा है।
जलाशय के पास वन विकास निगम के करीब 13 एकड़ जंगल की जमीन काटकर खेत बनाया गया था। जिस पर निगम द्वारा मई 2023 में अतिक्रमण खाली करने का नोटिस दिया था।
तत्पश्चात खाली नहीं करने पर दो नोटिस पुनः दिया गया। किन्तु अतिक्रमित जमीन पर दो फसल लगने के बाद भी अतिक्रमण पर बेदखली की कार्रवाई नहीं की गई। कार्रवाई नहीं होने से अतिक्रमण कारियों में अतिक्रमण करने की होड़ लग गई है। अतिक्रमण को बढ़ावा मिल रहा है। हाल में ही पेड़ों की कटाई कर पुनः अतिक्रमण किया जा रहा है।आचार संहिता खत्म होने के बाद कार्रवाई की जाएगी
वन विकास निगम के एसडीओ पीतांबर साहू ने बताया कि आचार संहिता खत्म होने के बाद कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कटाई पर लगातार कार्रवाई करने का दावा अधिकारी द्वारा किया गया।
Admin
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