: कबीरधाम जिले के नवपदस्थ कलेक्टर ने जिला अस्पताल का किया औचक निरीक्षण कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ी में बात चीत कर मरीजों से फिडबैक लिए
Admin / Mon, Sep 23, 2024 / Post views : 242
कबीरधाम जिले के नवपदस्थ कलेक्टर ने जिला अस्पताल का किया औचक निरीक्षण
कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ी में बात चीत कर मरीजों से फिडबैक लिए
कलेक्टर ने चिकित्सकों सहित पूरे अमले को मरीजों और उनके साथ आए परिजनों से बेहतर व्यवहार रखने के निर्देश दिए
lok seva news 24 Bureau Chief - Digvendra Gupta
कवर्धा, 23 सितंबर 2024। कबीरधाम जिले के नवपदस्थ कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने आज जिला अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री वर्मा ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया और वहां उपचार कराने आए मरीजों तथा परिजनों से छत्तीसगढ़ी में बातचीत कर जिला अस्पातल का फीडबैक लिए। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों और सुरक्षा व्यवस्था में लगे सभी अमलों को निर्देशित किया कि वे मरीजों और उनके परिजनों के साथ बेहतर और संवेदनशील व्यवहार रखें। उन्होंने मरीजों की सुविधा और सम्मान का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कलेक्टर ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का दौरा करते हुए सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया और सिविल सर्जन को अस्पताल में स्वच्छता बनाए रखने के विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल का वातावरण स्वच्छ और रोगाणुरहित होना चाहिए, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। कलेक्टर ने सीएमएचओ को भी नियमित अंतराल के बाद जिला अस्पताल का निरीक्षण करने तथा निरीक्षण के दौरान व्यवस्था में पाई गई खामियों तथा कमियों को शीघ्रता से दूर करने के लिए सख्त हिदायत दिए। कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान जिला अस्पताल में प्रतिदिन आने वाले ओपीडी मरीजों तथा अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों और संस्थागत प्रसव के लिए आने वाले गर्भवती महिलाओं की पूरी जानकारी ली। सिविल सर्जन डॉ केशव धुव्र ने बताया कि जिला अस्पताल में प्रतिमाह उपचार कराने के लिए आने वाले औसत मरीजों की संख्या लगभग 13 हजार है। प्रतिदिन 400 से 450 मरीजों को ओपीडी में देखा जाता है। उपचार परीक्षण के बाद लगभग 40 मरीज भर्ती योग्य पाए जाते है, जिसे संबंधित वार्डों में भर्ती किया जाता है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में लगातार संस्थागत प्रसव का प्रतिशत बढ़ रहा है। जिला अस्पताल के प्रति गर्भवती माताओं का विश्वास भी बढ़ा है। प्रतिमाह 300 से 350 औसतन गर्भवती माताओं का सुरक्षित संस्थानगत प्रसव कराया जाता है। क्रिटिकल प्रकरणों में ही ऑपरेशन कराई जाती है, जिसकी औसतन गर्भवती माताओं की संख्या 100 है। डीलवारी के बाद शिशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण के बाद गहन चिकित्सा केंद्र में रखने की व्यवस्था है। वर्तमान में 15 शिशुओं को डॉक्टरों की विशेष निगरानी में रखा गया है। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर श्री निर्भय साहू, कवर्धा एसडीएम श्री अनुपम टोप्पो, सीएमएचओ डॉ बी एल राज, सिविल सर्जन डॉ केशव धुव्र, वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ शलिल मिश्रा सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित थे। कलेक्टर श्री वर्मा ने पोषण पुनर्वास केन्द्र तथा शिशु वार्ड, शिशु गहन चिकित्सा वार्ड का निरीक्षण करते हुए वहां की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर ने मरीजों को अस्पताल प्रबधंन द्वारा मरीजों को मिलने वाले भोजन, दाल-भात, सब्जी और पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती शिशुओं को मिलने वाले पोषण आहार के बारे में आवश्यक जानकारियां ली। उन्होंने मेनू के आधार पर भोजन व्यवस्था रखने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिला अस्पताल में सुरक्षा की दृष्टि से अस्पताल परिसर से अंदर तथा बाहर लगाए गए सीसी कैमरे की पूरी जानकारी ली। उन्होंने सुरक्षा की दृष्टि से सीसी कैमरा बढ़ाने के निर्देश दिए। यहां पर बताया गया कि पूरे अस्पताल परिसर में 42 सीसी कैमरा लगाए गए है। जिसमे अंदर परिसर में 37 और बाहरी परिसर में 5 सीसी कैमरे लगाए गए है। कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रबधंन द्वारा जिला अस्पताल में संसाधन की बढोत्तरी तथा समाग्री व अन्य मांग के लिए छत्तीसगढ़ मेडिकल कार्पोरेशन को किए गए पत्राचार से पूरी अवगत कराने के लिए सिविल सर्जन को निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिला अस्पताल परिसर में बन चुके ट्रायज भवन को शीघ्रता से अस्पताल प्रबधंन को हैंडओवर की प्रक्रिया पूरा करने के निर्देश दिए, जिससे भवन की उपयोगिता का लाभ संबधित मरीजो को बेहतर मिल सके।

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