कवर्धा न्यूज़- विशेषज्ञों की टीम ने रोड के हिस्से को काटकर मौके पर ही च : रायपुर से पहुंची तकनीकी टीम ने दो दिनों तक की कोयलारी से मोदियापथरा सड़क की गहन जाँच, सभी मानकों में निर्माण की गुणवत्ता
Chief Editor - Digvendra Kumar Gupta / Wed, Dec 31, 2025 / Post views : 454
रायपुर से पहुंची तकनीकी टीम ने दो दिनों तक की कोयलारी से मोदियापथरा सड़क की गहन जाँच, सभी मानकों में निर्माण की गुणवत्ता मिली खरी
विशेषज्ञों की टीम ने रोड के हिस्से को काटकर मौके पर ही चलित प्रयोग शाला से की जांच
कवर्धा, 31 दिसंबर 2025/ विगत दिनो ग्राम कोयलारी से मोदियापाथरा सड़़क निर्माण की खराब गुणवत्ता होने के संबंध में वीडियो वायरल होने पर मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की टीम रायपुर से अधीक्षण अभियंता की अगुवाई में जांच में पहुंची। अधिकारियों की टीम ने 29 और 30 दिसंबर को दो दिनों तक सड़क की जांच की। दो स्थानों पर नव निर्मित सड़क का हिस्से को काटकर निकाला गया और सड़कचलित प्रयोग शाला से गुणवत्ता की जांच की गई। जांच टीम के अधीक्षण अभियंता छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण रायपुर श्री अमित गुलहरे एवं श्री अशोक देवांगन द्वारा रोड की जांच की गई। जांच में सड़क निर्माण में डामरीकरण कार्य की मोटाई 30 एमएम पाई गई जो कि निर्धारित मोटाई 20 एमएम से ज्यादा है। उसी प्रकार डामर की मात्रा 4.70 प्रतिशत के विरुद्ध 7.30 प्रतिशत पाई गई। जांच के दौरान पाया गया कि डब्लूबीएम गिट्टी कार्य का काम 2 लेयर में किया गया है जिसकी मोटाई 75- 75 एमएम प्रत्येक लेयर के विरुद्ध 85 एमएम और 80 एमएम पाई गई। मुरूम कार्य की मोटाई 150 एमएम की जगह 160 एमएम पाई गई एवं सभी कार्य निर्धारित तकनीकी मापदंड अनुसार पाए गए। जांच के दौरान कोयलारी से मोदियापाथरा सड़क निर्माण में तकनीकी मानकों से अधिक मोटाई एवं गुणवत्ता जांच में शासन के मापदंडों के अनुसार पाया गया।
अधीक्षण अभियंता छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण रायपुर श्री अमित गुलहरे एवं श्री अशोक देवांगन ने बताया कि सड़क का निर्माण करीब 10 दिन पूर्व ही हुआ है। वायरल वीडियों में सड़क के किनारे वाले भाग को ही उखाड़ा गया है, जो कि स्लोप में रहता है। डामर के लेयर को किसी धारदार हथियार उखाड़ना प्रतीत होता है। क्योंकि सड़क में डाले गए मटेरियल और बिटुमिनस की बाइंडिंग अच्छी है, वीडियो में जैसा दिख रहा है वो एक बड़ा हिस्सा है, अगर मटेरियल की पकड़ नहीं होती या मानक अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया जाता तो इतना बड़ा हिस्सा एक साथ होल्ड नहीं कर सकता है।सड़क को पकड़ बनाने में भौतिक तौर पर लगभग एक माह समय लगता है। जांच टीम ने बताया कि विभाग द्वारा भी रोड गुणवत्ता की जांच करने के लिए औजारों से डामर काट कर रोड़ की गुणवत्ता की जांच की जाती है। उन्होने बताया कि आज जांच के दौरान रोड़ शासन के मानक रूप से पाया गया।
कार्यपालन अभियंता श्री एसके ठाकुर ने बताया कि ग्राम कोयलारी से मोदियापाथरा सड़़क निर्माण गुणवत्तापूर्ण निर्धारित मापदंड के अनुसार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व में दो राज्य गुणवत्ता समीक्षक द्वारा सड़क निर्माण के दौरान जांच किया गया है। जिसमें कार्य को संतोषप्रद पाया गया था।
Chief Editor - Digvendra Kumar Gupta
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